आज़ादी का अमृत महोत्सव

 

आज़ादी का अमृत महोत्सव

'आज़ादी का अमृत महोत्सव' आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।आज़ादी का इस अमृत महोत्सव को मनाये जाने के कुछ कारण है।देश के स्वतंत्र करने के लिए जिन राष्ट्र सुपूतो ने बलिदान दिया है और बहुत कष्ट सहे उन्हें याद करने का दिन है।इन कारणों से 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के माध्यम उन लोगों को स्वंत्रता और लोकतंत्र के सही मायने बताने बहुत जरूरी है और साथ ही साथ यह बताना भी जरूरी है कि 75 वर्षों में भारत ने क्या उपलब्धियां हासिल की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च 2022 को गुजरात से 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' की शरुआत किये। 12 मार्च से ही क्यों 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' शुरू किया गया।इसके पीछे भी कारण है।महात्मा गांधी जी 12 मार्च ,1930 को दांडी मार्च (नमक सत्यग्रह) की शुरुआत किये थे। अपने 78 अनुयायियों के साथ यह सत्याग्रह की शुरुआत किये थे। 6 अप्रैल ,1930 को दांडी पहुचें।इस मार्च के जरिये महात्मा गांधी जी ने अंग्रेजो के बनाये नमक कानून को तोड़कर उस सत्ता को चुनौती दी थी।

'आज़ादी का अमृत महोत्सव' किसी विशेष जाति ,धर्म अथवा राज्य नही बल्कि सम्पूर्ण भारत के लिए महत्वपूर्ण है।'अज़ादी का अमृत महोत्सव' एक राष्ट्रीय महोत्सव है।यह महोत्सव 75 सप्ताह तक मनाया जाएगा और हर सप्ताह में अलग -अलग कार्यक्रम आयोजित कराये जा रहे हैं।इसके माध्यम से लोगो के मन मे देश प्रेम को जागरूक किया जा रहा है।


टिप्पणियाँ